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भारतीय रेलवे

भारतीय रेल राष्ट्र की जीवन रेखा है जो देश के कोने-कोने तक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य प्रभावशाली, सस्ता, ग्राहक-केंद्रित, पर्यावरण अनुकूल एकीकृत परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है तथा राज्यों, समुदायों, बंदरगाहों और औद्योगिक ,वाणिज्य, पर्यटन केंद्रों एवं पूरे देश के तीर्थस्थानों को एक दूसरे से जोड़ते हुए समग्र विकास का वाहक बनना है।

सिविल इंजीनियरिंग की आधारभूत संरचना भारतीय रेल की सबसे बड़ी स्थैतिक(static) आधारभूत संरचना है जिसमें रेलपथ, पुल, भूमि इत्यादि शामिल है। इतनी बड़ी आधारभूत संरचना का प्रबंधन संगठन के लक्ष्यों के अनुरूप किया जाना है। भारतीय रेल का सिविल इंजीनियरिंग विभाग इन सभी आधारभूत संरचनाओं को प्रबंधित एवं अनुरक्षित करता है। साथ ही, आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में , विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी विकास, हाई स्पीड यात्रा और विश्व स्तरीय स्टेशनों के विकास में इसकी प्रमुख भूमिका है।


ट्रैक एवं पुल

31.03.2017 को भारतीय रेल पर मार्ग की कुल लंबाई 67,368 किमी थी जबकि रनिंग ट्रैक लंबाई सहित यह 93,902 किमी है।यार्ड, साइडिंग आदि मिलाकर कुल मार्ग 1,21,407 किमी है। यह सारणी गत वर्षों में भारतीय विद्युतीकृत रेल नेटवर्क के बदलते आकार को प्रदर्शित करती है।

वर्ष मार्ग किमी परिचालित मार्ग किमी कुल ट्रैक किमी #
विद्युतीकृत कुल विद्युतीकृत कुल विद्युतीकृत कुल
1950-51 388 53,596 937 59,315 1,253 77,609
1960-61 748 56,247 1,752 63,602 2,259 83,706
1970-71 3,706 59,790 7,447 71,669 9,586 98,546
1980-81 5,345 61,240 10,474 75,860 13,448 104,480
1990-91 9,968 62,367 18,954 78,607 25,305 108,858
2000-01 14,856 63,028 27,937 81,865 36,950 108,706
2005-06 17,907 63,332 33,540 84,370 44,815 109,808
2010-11 19,607 64,460 36,007 87,117 49,489 1,13,993
2014-15 22,224 66,030 41,038 90,803 55,266 1,17,996
2015-16 23,555 66,687 43,357 92,081 57,738 1,19,630
2016-17 25,367 67,368 48,239 93,902 62,522 1,21,407
# यार्ड, साइडिंग, स्टेशनों पर क्रॉसिंग के ट्रैक शामिल है।



राज्यवार मार्ग किमी./ परिचालित मार्ग किमी./ कुल ट्रैक किमी.

निम्नलिखित सारिणी 2016-17 के अंत तक विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में रेल लाइनों का मार्ग किमी.,परिचालित मार्ग किमी.तथा कुल ट्रैक किमी.दर्शाती है।

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश मार्ग किमी. परिचालित मार्ग किमी. कुल ट्रैक किमी.
आंध्र प्रदेश 3,817 5,704 7,282
अरूणाचल प्रदेश 12 12 26
असम 2,440 2,552 3,450
बिहार 3,714 4,907 6,772
छत्तीसगढ़ 1,216 2,032 2,800
दिल्ली 183 339 699
गोआ 69 69 98
गुजरात 5,259 6,321 7,746
हरियाणा 1,710 2,441 3,156
हिमाचल प्रदेश 296 301 358
जम्मू कश्मीर 298 366 491
झारखंड 2,455 3,975 6,105
कर्नाटक 3,424 4,361 5,417
केरल 1,045 1,709 2,074
मध्य प्रदेश 5,113 7,662 9,491
महाराष्ट्र 5,784 8,303 11,188
मणिपुर 13 13 18
मेघालय 9 9 13
मिजोरम 2 2 6
नागालैंड 11 11 12
उड़ीसा 2,598 3,972 5,157
पंजाब 2,269 2,744 3,603
राजस्थान 5,894 7,645 8,670
तमिलनाडु 4,028 5,358 6,606
तेलंगाना 1,823 2,545 3,146
त्रिपुरा 203 203 256
उत्तराखंड 340 400 465
उत्तर प्रदेश 9,167 12.563 15,588
प.बंगाल 4,139 7,345 10,612
केंद्रशासित प्रदेश
चंडीगढ़ 16 16 66
पांडिचेरी 22 22 26
कुल 67,368 93,902 1,21,407
# नोट: शेष राज्यों / संघ शासित प्रदेशों में से कोई रेलवे लाइन नहीं है।



गेज-वार विवरणः

मार्ग का 91.56% हिस्सा बनाते हुए ब्रॉड गेज, 100% माल उत्पादन (NTKms) और 99.22% यात्री उत्पादन (PKms) उत्पन्न करता है। 31.03.2017 को प्रत्येक गेज पर दोहरी/मल्टीपल लाइन इकहरी लाइन और विद्युतीकृत मार्ग दर्शाते हुए की कुल मार्ग लंबाई नीचे दी गई हैः-

गेज़ इकहरी लाइन दोहरी/मल्टीपल लाइन सकल योग
विद्युतीकृत गैर-विद्युतीकृत कुल विद्युतीकृत गैर-विद्युतीकृत कुल
ब्रॉड (1676 मिमी) 7,190.49 32,468.77 39,659.26 18,176.79 3,844.18 22,020.97 61,680.23
मीटर (1000 मिमी) 0 3,479.13 3,479.13 0 0 0 3,479.13
नैरो (762 मिमी/610 मिमी) 0 2,208.46 2,208.46 0 0 0 2,208.46
कुल 7,190.49 38,156.36 45,346.85 18,176.79 18,176.79 22,020.97 67,367.82

लगभग सभी दोहरी/मल्टीपल ट्रैक सेक्शन और विद्युतीकृत मार्ग ब्रॉड गेज हैं। मीटर एवं नैरो गेज अधिकांशतः एकल और गैर-विद्युतीकृत हैं। 1950-51 और 2016-17 के बीच यातायात घनत्व (मिलियन जीटी किमी प्रति रनिंग ट्रैक) ब्रॉड गेज पर 4.29 से बढ़कर 22.00 हो गया।





पुल:

01.04.2017 को भारतीय रेल पर 1,44,698 पुल हैं जिनमें से 680 महत्वपूर्ण हैं, 11,915 प्रमुख हैं तथा 1,32,103 छोटे पुल हैं. 2016-17 में 753 पुलों का मजबूतीकरण/पुनर्निर्माण/मरम्मत की गई ।





रोड ओवर/अंडर पुल:

सड़क उपयोगकर्ताओं की संरक्षा को बेहतर करने एवं असुविधा को कम करने के लिए व्यस्त समपारों की जगह धीरे-धीरे रोड ओवर/रोड अंडर/सबवे (आरओबी / आरयूबी) पुल बनाए जा रहे हैं। व्यस्त समपारों की जगह रोड ओवर/रोड अंडर पुल के निर्माण को संबंधित राज्य सरकारों/स्थानीय प्राधिकरणों के साथ साझा लागत पर स्वीकृति दी गई है। वर्ष के दौरान क्षेत्रीय रेलों पर कुल 38 निर्माण कार्य पूरे किए गए।

पिंक बुक 2017-18 में प्रदर्शित होने वाले आरओबी / आरयूबी के स्वीकृत कार्य 2207 हैं जिसमें 1670 आरओबी और 6213 आरयूबी / सबवे शामिल हैं। ये योजना, अनुमान और निष्पादन के विभिन्न चरणों में हैं। वर्ष 2016-17 के दौरान, भारतीय रेलवे में एनएचएआई द्वारा लागत साझाकरण, रेलवे लागत / आवास कार्यों, जमा / बीओटी अवधि के तहत 171 आरओबी और 1183 आरयूबी / सबवे का निर्माण किया गया है।





समपार:

समपार,विशिष्ट नियमों और शर्तों द्वारा नियंत्रित विनियमित तरीके से यातायात को सुचारू रूप से चलाने की सुविधा के लिए है। 01.04.2017 को भारतीय रेलवे पर समपार की स्थिति निम्नानुसार है।

समपार की कुल संख्या 27,181
मानवयुक्त समपार की संख्या 19,480 (72%)
मानव रहित समपार की संख्या 7,701 (28%)

भारतीय रेलवे ने सड़क उपयोगकर्ताओं और ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा के लिए उत्तरोत्तर समपार को समाप्त करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2016-17 के दौरान मानव रहित 1503 और मानव रहित 509 समपार को समाप्त कर दिया गया है।





भूमि प्रबंधन:

31.03.2017 को भारतीय रेलवे (IR) के पास लगभग 4.76 लाख हेक्टेयर भूमि है। इस भूमि का लगभग 90% रेलवे के परिचालन और संबद्ध उपयोगों के तहत है जैसे कि नई लाइनें बिछाने, दोहरीकरण, गेज रूपांतरण, ट्रैक, स्टेशन, कार्यशाला, स्टाफ कॉलोनियां आदि। भूमि उपयोग विवरण निम्नानुसार हैं:

विवरण क्षेत्र
(लाख हेक्टेयर में)
स्टेशन, कालोनियों आदि सहित ट्रैक और संरचनाएं 3.66
वनीकरण 0.41
'ग्रो मोर फूड’ योजना 0.03
वाणिज्यिक लाइसेंस 0.04
अन्य उपयोग जैसे कि मछलीपालन 0.09
अतिक्रमण 0.01
खाली जमीन 0.52
कुल 4.76